जाने अर्क विवाह के चमत्कारी लाभ कौन-कौन से है?
वैदिक ज्योतिष में विवाह केवल सामाजिक बंधन नहीं, बल्कि ग्रहों और कर्मों से जुड़ा एक पवित्र संस्कार माना जाता है। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल दोष, कुंभ विवाह दोष, या विवाह में गंभीर बाधाएँ दिखाई देती हैं, तब शास्त्रों में अर्क विवाह को एक प्रभावी और सुरक्षित उपाय बताया गया है। यह विवाह वास्तविक जीवन के वैवाहिक संबंधों को संतुलित और सुरक्षित बनाने के लिए किया जाता है।
अर्क विवाह कोई अंधविश्वास नहीं, बल्कि वैदिक ज्योतिष पर आधारित एक प्रतीकात्मक और आध्यात्मिक उपाय है, जिसका उद्देश्य वैवाहिक जीवन को सुरक्षित, संतुलित और सुखद बनाना है। यदि कुंडली में मंगल दोष या विवाह संबंधी गंभीर बाधाएँ हों, तो योग्य ज्योतिषी की सलाह से उज्जैन में अर्क विवाह करवाना भविष्य के वैवाहिक जीवन के लिए एक मजबूत आधार बन सकता है।
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अर्क विवाह क्या है?
अर्क विवाह एक प्रतीकात्मक वैदिक विवाह होता है, जिसमें व्यक्ति का विवाह अर्क (आक/मदार) के पौधे से कराया जाता है। यह विवाह वास्तविक विवाह से पहले किया जाता है ताकि कुंडली में मौजूद दोषों का प्रभाव निष्क्रिय हो जाए। अर्क का पौधा भगवान शिव का प्रिय माना जाता है और इसे मंगल ग्रह की उग्र ऊर्जा को शांत करने वाला माना गया है।
अर्क विवाह क्यों आवश्यक होता है?
कुछ विशेष ज्योतिषीय स्थितियों में अर्क विवाह की सलाह दी जाती है, जैसे:
- कुंडली में मंगल दोष (मंगलीक दोष) का प्रबल होना
- विवाह में बार-बार देरी या रुकावटें आना
- वैवाहिक जीवन में टूटन, झगड़े या अस्थिरता के योग
- जीवनसाथी के स्वास्थ्य या आयु को लेकर भय
- पूर्व जन्म से जुड़े कर्मिक दोष
अर्क विवाह के माध्यम से इन दोषों का प्रभाव प्रतीकात्मक रूप से समाप्त कर दिया जाता है।
अर्क विवाह के प्रमुख लाभ कौन-कौन से है?
1. मंगल दोष का प्रभाव कम होता है
अर्क विवाह का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह मंगल ग्रह की उग्र और नकारात्मक ऊर्जा को शांत करता है। इससे वैवाहिक जीवन में तनाव, क्रोध और टकराव कम होता है।
2. विवाह में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं
जिन जातकों के विवाह में लगातार देरी हो रही हो या रिश्ता तय होकर टूट जाता हो, उनके लिए अर्क विवाह एक प्रभावी उपाय माना जाता है।
3. वैवाहिक जीवन में शांति और स्थिरता
अर्क विवाह के बाद वास्तविक विवाह में समझ, सामंजस्य और भावनात्मक संतुलन बढ़ता है, जिससे दांपत्य जीवन सुखमय बनता है।
4. जीवनसाथी की सुरक्षा के लिए उपाय
शास्त्रों के अनुसार, मंगलीक दोष से जीवनसाथी के स्वास्थ्य या आयु पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। अर्क विवाह इस दोष के प्रभाव को पहले ही निष्क्रिय कर देता है।
5. मानसिक तनाव और भय से मुक्ति
लगातार विवाह को लेकर चिंता, भय या असमंजस में रहने वाले लोगों को अर्क विवाह के बाद मानसिक शांति और आत्मविश्वास प्राप्त होता है।
6. सकारात्मक ऊर्जा और शुभ योगों की वृद्धि
अर्क विवाह के बाद कुंडली में शुभ ग्रहों का प्रभाव बढ़ता है, जिससे जीवन में सकारात्मकता, स्थिरता और सौभाग्य आता है।
अर्क विवाह की पूजा विधि क्या है?
अर्क विवाह वैदिक विधि-विधान से योग्य पंडित सुरेश शर्मा जी द्वारा कराया जाता है। इसमें मुख्य रूप से शामिल होते हैं:
- गणेश पूजन
- संकल्प (नाम, गोत्र और जन्म विवरण के साथ)
- अर्क पौधे के साथ वैदिक मंत्रों द्वारा विवाह संस्कार
- मंगल शांति मंत्र जप
- हवन और पूर्णाहुति
पूजा के बाद अर्क पौधे का विधिवत विसर्जन किया जाता है।
अर्क विवाह करने का शुभ समय कौन-सा है?
अर्क विवाह किसी भी शुभ मुहूर्त में किया जा सकता है, लेकिन विशेष रूप से यह अधिक फलदायी माना जाता है जब इसे:
- मंगलवार
- अमावस्या
- महाशिवरात्रि
- श्रावण मास
में किया जाए।
अर्क विवाह कहाँ करना श्रेष्ठ माना जाता है?
उज्जैन, त्र्यंबकेश्वर, नासिक जैसे पवित्र तीर्थस्थल अर्क विवाह के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। विशेषकर उज्जैन, जहाँ भगवान महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थित हैं, वहाँ किया गया अर्क विवाह अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।
उज्जैन में अर्क विवाह पूजा की बुकिंग कैसे करें?
बहुत से स्थानीय वैदिक पंडित उज्जैन में अर्क विवाह समेत अन्य दोष निवारण पूजाओं के लिए बुकिंग लेते हैं। आप सीधे पंडित जी से कॉल या व्हाट्सएप पर संपर्क करके पूजा की तारीख, मुहूर्त, शुल्क और आवश्यक जानकारी पूछ सकते हैं।
पूजा के बारें में सही जानकारी प्राप्त करने के लिए आज ही उज्जैन के अनुभवी पंडित सुरेश शर्मा जी से नीचे दिये गए नंबर पर संपर्क करें पंडित जी कालसर्प दोष पूजा, मंगल दोष पूजा सहित अनेक पूजा कराने में योग्यता रखते है।