अंगारक दोष के उपाय क्या है? जाने अंगारक दोष की पूजा विधि
अंगारक दोष तब बनता है जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में मंगल ग्रह और राहु एक ही भाव में स्थित होते हैं। यह दोष व्यक्ति के जीवन में कई प्रकार की परेशानियाँ, तनाव और बाधाएँ पैदा करता है। नौकरी, विवाह, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर इसका प्रभाव अधिक देखने को मिलता है। इस दोष से मुक्ति पाने के लिए हमारे शास्त्रों में कई उपाय बताए गए हैं जो की निम्नलिखित है।
कुंडली से अंगारक दोष दूर करने के कई उपाय ज्योतिष में दिये गए है लेकिन सबसे प्रभावी और सरल उपाय है उज्जैन में अंगारक दोष पूजा कराना है, जो की उज्जैन में अनुभवी पंडितो द्वारा पूर्ण विधि-विधान के साथ सम्पन्न करायी जाती है।
Contents
- 1 अंगारक दोष से होने वाली समस्याएँ कौन-कौन सी है?
- 2 उज्जैन में अंगारक दोष निवारण के सरल उपाय कौन-कौन से है?
- 3 अंगारक दोष के ज्योतिषीय उपाय क्यों जरूरी हैं?
- 4 अंगारक दोष पूजा: अंगारक दोष पूजा का सबसे प्रभावी उपाय
- 5 अंगारक दोष की पूजा का महत्व क्यों बताया गया है?
- 6 उज्जैन में अंगारक दोष पूजा का विशेष महत्व
- 7 अंगारक दोष पूजा कैसे की जाती है? जाने पूजा-विधि
- 8 अंगारक दोष पूजा से मिलने वाले लाभ कौन-कौन से है?
- 9 उज्जैन में कैसे कराएं अंगारक दोष पूजा बुकिंग?
अंगारक दोष से होने वाली समस्याएँ कौन-कौन सी है?
- विवाह में देर होना या दाम्पत्य जीवन में कलह बढ़ना।
- आर्थिक परेशानियाँ और धन हानि जैसी समस्याएँ आना।
- मानसिक तनाव, गुस्सा और अवसाद आदि का बना रहना।
- स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ जैसे रक्त विकार या त्वचा रोग होना।
- रिश्तों में दूरी और पारिवारिक मतभेद बढ़ना।
उज्जैन में अंगारक दोष निवारण के सरल उपाय कौन-कौन से है?
1. हनुमान जी की उपासना
मंगल और राहु से उत्पन्न दोष को शांत करने के लिए हनुमान जी की पूजा करना बहुत फलदायी होती है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें। बजरंग बाण का पाठ करने से भी अंगारक दोष के प्रभाव कम होते हैं।
2. मंगल ग्रह की शांति हेतु उपाय
- मंगलवार को लाल वस्त्र दान करें।
- मसूर की दाल, लाल फूल और तांबे का दान करना शुभ माना जाता है।
- मंगलवार का व्रत रखें और गरीबों को भोजन कराएँ।
3. राहु दोष निवारण के उपाय
- शनिवार को राहु मंत्र का जाप करें – “ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः”।
- सरसों का तेल, काले तिल और नीले वस्त्र का दान करें।
- पीपल के पेड़ की पूजा और उसमें दीपक जलाना भी शुभ फल देता है।
4. रुद्राभिषेक और नवग्रह शांति पूजा
यदि दोष बहुत अधिक प्रभावी है तो उज्जैन में विशेष रूप से रुद्राभिषेक और नवग्रह शांति पूजा कराना चाहिए। इस पूजा में विशेष मंत्रों का जाप, हवन और ग्रहों का शांति यज्ञ कराया जाता है। यह उपाय दीर्घकालिक राहत देता है और जीवन की बाधाएँ दूर करता है।
5. रत्न धारण करना
- मंगल के लिए – मूंगा (लाल कोरल) धारण करें।
- राहु के लिए – गोमेद रत्न धारण किया जा सकता है।
ध्यान रखें कि रत्न धारण करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी की सलाह अवश्य लें। बिना पंडित की सलाह के रत्न धारण न करें।
6. विशेष दान और सेवा
- गरीबों को लाल वस्त्र, तांबे के बर्तन और गुड़ दान करें।
- शनि और राहु की शांति के लिए शनिवार को अनाथालय या गौशाला में सेवा करें।
अंगारक दोष के ज्योतिषीय उपाय क्यों जरूरी हैं?
अंगारक दोष केवल मानसिक तनाव ही नहीं बल्कि करियर, स्वास्थ्य और विवाह को भी प्रभावित करता है। यदि सही समय पर शांति उपाय कर लिए जाएँ तो जीवन में स्थिरता और सफलता प्राप्त होती है। इसके उपाय अपनाकर आप अपने जीवन में आ रही समस्त बाधाओं को दूर कर सकते है। ये उपाय आपके जीवन को नयी दिशा की ओर ले जाते है।
अंगारक दोष पूजा: अंगारक दोष पूजा का सबसे प्रभावी उपाय
अंगारक दोष की पूजा का महत्व केवल धार्मिक दृष्टि से नहीं बल्कि ज्योतिषीय और आध्यात्मिक रूप से भी बहुत अधिक होता है। यह पूजा जीवन की नकारात्मक शक्तियों को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। खासकर उज्जैन में की गई अंगारक दोष शांति पूजा व्यक्ति के जीवन में चमत्कारिक परिवर्तन लाती है।
अंगारक दोष की पूजा का महत्व क्यों बताया गया है?
शास्त्रों में ग्रहों के प्रभाव को संतुलित करने के लिए पूजा-पाठ और यज्ञ का महत्व बताया गया है। अंगारक दोष पूजा का महत्व इसलिए है क्योंकि:
- ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करती है
यह पूजा मंगल और राहु दोनों के दुष्प्रभाव को शांत कर उनके अशुभ परिणामों को काफी हद तक कम करती है। - क्रोध और मानसिक तनाव को दूर करती है
इस पूजा से मानसिक शांति प्राप्त होती है और व्यक्ति का गुस्सा नियंत्रित हो जाता है। - आर्थिक और वैवाहिक जीवन में स्थिरता लाती है
पूजा करने से विवाह में आने वाली रुकावटें दूर होती हैं और दांपत्य जीवन में सामंजस्य आता है। साथ ही आर्थिक लाभ और करियर में सफलता मिलती है। - स्वास्थ्य संबंधी लाभ देती है
मंगल और राहु के अशुभ प्रभाव से रक्त रोग, त्वचा रोग और मानसिक अस्थिरता होती है। पूजा से इन समस्याओं में राहत मिलती है। - कर्मों के दोष को दूर करती है
अंगारक दोष को कई बार पिछले जन्म के कर्मों का परिणाम माना जाता है। पूजा द्वारा इन कर्म दोषों का समापन होता है।
उज्जैन में अंगारक दोष पूजा का विशेष महत्व
उज्जैन भगवान महाकाल की नगरी है और इसे ग्रह दोष निवारण का सबसे पवित्र स्थान माना जाता है। यहाँ किए गए जाप, हवन और अनुष्ठान का फल कई गुना बढ़ जाता है।
- महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के आशीर्वाद से पूजा का प्रभाव और भी अधिक फलदायी होता है।
- उज्जैन के विद्वान और अनुभवी पंडित वैदिक विधि से अंगारक दोष शांति पूजा करवाते हैं।
- यहाँ की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में स्थायी शांति और सुख-समृद्धि लाती है।
अंगारक दोष पूजा कैसे की जाती है? जाने पूजा-विधि
- संकल्प और आह्वान – सबसे पहले पंडित जी संकल्प कर पूजा की शुरुआत करते हैं।
- मंगल और राहु मंत्र जाप – हजारों मंत्रों का जाप किया जाता है ताकि ग्रह दोष का निवारण हो सके।
- हवन और आहुति – अग्नि में विशेष सामग्री की आहुति देकर ग्रहों को शांत किया जाता है।
- दक्षिणा और दान – पूजा के अंत में वस्त्र, भोजन और दान देकर पूजा को पूर्ण किया जाता है।
अंगारक दोष पूजा से मिलने वाले लाभ कौन-कौन से है?
- विवाह में आ रही देरी और रुकावटों का निवारण होता है।
- क्रोध, मानसिक तनाव और कलेश से मुक्ति मिलती है।
- आर्थिक और व्यवसायिक प्रगति होती है।
- स्वास्थ्य में सुधार और दीर्घायु की प्राप्ति होती है।
- परिवार और रिश्तों में प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है।
उज्जैन में कैसे कराएं अंगारक दोष पूजा बुकिंग?
अंगारक दोष पूजा बुकिंग उज्जैन में करने के लिए आज ही उज्जैन के अनुभवी पंडित जी से नीचे दिये गए नंबर पर कॉल करके संपर्क करें। कई पंडित ऑनलाइन पूजा-बुकिंग की सुविधा भी प्रदान करते है आप घर बैठे वैबसाइट या नंबर की सहायता से पूजा बुक कर सकते है।