मंगल दोष के लक्षण और उपाय क्या है? उज्जैन में कराएं पूजा
ज्योतिष में मंगल को ऊर्जा, साहस, क्रिया और इच्छाशक्ति का ग्रह माना गया है। यही मंगल जब संतुलन में होता है, तो व्यक्ति आत्मविश्वासी और कर्मशील बनता है। लेकिन जब यही ग्रह कुंडली में गलत स्थान पर बैठ जाता है, तब वही ऊर्जा जीवन में टकराव, गुस्सा और रुकावट बन जाती है। इसी स्थिति को…