कालसर्प दोष पूजा तिथि और मुहूर्त मार्च 2026

कालसर्प दोष पूजा तिथि और सर्वोत्तम मुहूर्त मार्च 2026

वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब जन्म कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं, तब कालसर्प दोष बनता है। शास्त्रों में कालसर्प दोष पूजा को एक महत्वपूर्ण शांति उपाय माना गया है। मार्च का महीना नवआरंभ का प्रतीक है। यदि इस अवधि में सही तिथि और मुहूर्त का चयन करके कालसर्प दोष पूजा कराई जाए, तो यह जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक हो सकती है।

कालसर्प दोष पूजा के लिए मार्च क्यों विशेष है?

मार्च का महीना कई बार फाल्गुन और चैत्र मास के संयोग में आता है। इस अवधि में:

  • आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है
  • ऋतु परिवर्तन के कारण शुद्धिकरण का महत्व बढ़ता है
  • कई शुभ योग और विशेष तिथियाँ मिलती हैं
  • शिव उपासना के लिए अनुकूल समय माना जाता है

यदि मार्च में महाशिवरात्रि या अमावस्या आती है, तो यह कालसर्प दोष शांति के लिए विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है।

यदि आप मार्च माह में कालसर्प दोष पूजा कराने की योजना बना रहे हैं, तो सही तिथि (Tithi) और मुहूर्त (Muhurat) का चयन अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि शुभ समय में किया गया अनुष्ठान अधिक प्रभावशाली माना जाता है।

मार्च में कालसर्प दोष पूजा की श्रेष्ठ तिथियाँ कौन-सी है?

मार्च का महीना आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हो सकता है, विशेषकर यदि इस दौरान अमावस्या, शिवरात्रि या अन्य शुभ योग बन रहे हों। कालसर्प दोष पूजा के लिए सही तिथि और मुहूर्त का चयन करना आवश्यक है।

  • अमावस्या: अमावस्या को राहु-केतु की शांति के लिए अत्यंत प्रभावी माना जाता है। चंद्रमा की शून्य अवस्था नकारात्मक ऊर्जा के शमन के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
  • पंचमी: सर्प देवता से जुड़ी होने के कारण यह तिथि कालसर्प दोष शांति के लिए विशेष महत्व रखती है।
  • महाशिवरात्रि (यदि मार्च में पड़े): भगवान शिव को काल का स्वामी माना गया है। शिवरात्रि पर किया गया कालसर्प दोष पूजन अत्यंत शुभ और प्रभावशाली माना जाता है।
  • सोमवार या शनिवार: मार्च के दौरान यदि अमावस्या या कोई विशेष तिथि सोमवार या शनिवार को पड़े, तो यह और भी उत्तम संयोग बनता है।
  • विशेष नक्षत्र: मार्च में यदि पुष्य, अनुराधा, श्रवण, हस्त या रेवती जैसे शुभ नक्षत्र हों, तो उन दिनों में पूजा कराना अधिक प्रभावी माना जाता है।

मार्च में कालसर्प दोष पूजा के लिए सर्वोत्तम मुहूर्त क्या है?

मुहूर्त चयन में निम्न बातों का ध्यान रखा जाता है:

  • राहुकाल से बचकर समय चुनना
  • अभिजीत मुहूर्त या शुभ चौघड़िया
  • शुभ नक्षत्र (जैसे पुष्य, हस्त, अनुराधा आदि)
  • लग्न शुद्धि
  • कुंडली के अनुसार ग्रह स्थिति

अक्सर कालसर्प दोष पूजा प्रातः काल (सुबह 6 से 11 बजे) के बीच कराना शुभ माना जाता है। कुछ मामलों में ब्रह्म मुहूर्त भी श्रेष्ठ माना जाता है, विशेषकर यदि पूजा शिव मंदिर में की जा रही हो।

कालसर्प दोष पूजा की विधि क्या है?

उज्जैन में मार्च 2026 में की जाने वाली कालसर्प दोष पूजा की विधि पर इस प्रकार होती है:

  1. गणेश पूजन
  2. नवग्रह शांति पाठ
  3. राहु-केतु मंत्र जाप
  4. सर्प सूक्त पाठ
  5. रुद्राभिषेक
  6. हवन और पूर्णाहुति

पूजा की अवधि लगभग 2 से 3 घंटे होती है।

कालसर्प दोष पूजा कहाँ करानी चाहिए?

कालसर्प दोष पूजा भारत के कई पवित्र स्थानों पर कराई जाती है, लेकिन विशेष रूप से उज्जैन को अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। यहाँ स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में भगवान शिव की विशेष कृपा मानी जाती है। इसके अलावा त्र्यंबकेश्वर (नासिक) भी कालसर्प शांति के लिए प्रसिद्ध है। सही स्थान पर की गई पूजा अधिक फलदायी होती है, इसलिए उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा कराना बहुत ही शुभ और लाभकारी माना जाता है।

कालसर्प दोष पूजा से पहले क्या तैयारी करें?

  • अपनी जन्म तिथि, समय और स्थान की सटीक जानकारी रखें
  • कुंडली का विश्लेषण किसी योग्य ज्योतिषी से कराएँ
  • पूजा से एक दिन पहले सात्त्विक आहार लें
  • मानसिक और शारीरिक शुद्धता बनाए रखें
  • पंडित से पहले ही मुहूर्त और सामग्री की जानकारी ले लें

मार्च में कालसर्प दोष पूजा कराने के लाभ क्या है?

मार्च में सही तिथि और मुहूर्त में की गई कालसर्प दोष पूजा से कई फायदे होते है जो की निम्नलिखित है:

  • जीवन की रुकावटें कम होती हैं
  • मानसिक तनाव और भय में कमी आती है
  • करियर और व्यापार में स्थिरता आती है
  • विवाह संबंधी बाधाएँ दूर होती हैं
  • पारिवारिक जीवन में संतुलन बढ़ता है
  • आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है

उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा की बुकिंग कैसे कराएँ?

यदि आपकी कुंडली में कालसर्प दोष है, तो योग्य ज्योतिषीय सुरेश शर्मा जी से परामर्श लेकर मार्च में शुभ मुहूर्त में यह पूजा कराना जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। तो आज ही नीचे दिये गए नंबर पर कॉल करें और अपनी पूजा बुक करें।

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